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Showing posts from 2017

नवा साल मुबारक हो

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नवा साल मुबारक हो ****************** बड़े मन ल नमस्कार, अऊ जहुंरिया से हाथ मिलावत हों । मोर डाहन ले संगी, नवा साल मुबारक हो । पढहैया के बुद्धि बाढहे , होवय हर साल पास । कर्मचारी के वेतन बाढहे , ब...

मोर छत्तीसगढ़ के किसान

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मोर छत्तीसगढ़ के किसान, जेला कहिथे भुंइया के भगवान । भूख पियास ल सहिके संगी , उपजावत हे धान । बड़े बिहनिया सुत उठ के, नांगर धर के जाथे । रगड़ा टूटत ले काम करके, संझा बेरा घर आथे । ...

बरबाद होगे

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बरबाद होगे *************** बरबाद होगे भैया, दारु पी के सब बरबाद होगे । सूरा सहीं घोन्डे हाबे 2, कइसन ए अजाद होगे। बरबाद होगे बरबाद होगे भैया .............................. एक पौवा पीथे ताहन, आंखी ल देखाथे । दूसर पौव...

माता की कृपा

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माता की कृपा *************** मां दुर्गा के चरणों में मैं, अपना शीश झुकाता हूँ । तेरे दर पे आकर माता, श्रद्धा के फूल चढाता हूँ । कोई न हो जग में दुखी मां , तेरी कृपा बनी रहे । बस इसी आशा से मैं, लो...

जाड़ ह जनावत हे

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जाड़ ह जनावत हे ************** चिरई-चिरगुन पेड़ में बइठे,भारी चहचहावत हे। सुरूर-सुरूर हवा चलत,जाड़ ह अब जनावत हे। हसिया धर के सुधा ह,खेत डाहर जावत हे। धान लुवत-लुवत दुलारी,सुघ्घर गाना गाव...

माटी के दीया जलावव

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माटी के दीया जलावव संगी, माटी के दीया जलावव । चाइना माल के चक्कर छोड़ो, स्वदेसी ल अपनावव। माटी के दीया  ........................ बइठे हे कुमहारिन दाई, देखत हाबे रसता । राखे हाबे माटी के दीया, बेचत ...

एक दीपक बन जायें

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करो कुछ ऐसा काम साथियों,घर घर खुशियां लायें । भूले भटके राह जनों का,एक दीपक बन जायें | चारों तरफ है आज अंधेरा,किसी को कुछ न सूझे। पथराई है सबकी आंखें,आशा की किरण बुझे । कर दें दू...

असली रावण को मारो

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भर गया है पाप का घड़ा, अब तो इसे निकालो । नकली रावण को छोड़कर, असली को अब मारो। गाँव गली में घूम रहे हैं, साधुओं के वेश में । राम नाम का माला जपते, बाबाओं के भेष में । जागो अब हनुमा...

आजादी का पर्व

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आजादी का पर्व *************** आजादी का पर्व मनाने, गाँव गली तक जायेंगे । तीन रंगों का प्यारा झंडा, शान से हम लहरायेंगे । नहीं भूलेंगे उन वीरों को , देश को जो आजाद किया । भारत मां की रक्षा खात...

अगस्त क्रांति

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अगस्त क्रांति ************ क्रांति का आगाज हो चुका, चुप नहीं बैठेंगे हम । जब तक पूर्ण न हो मांग हमारी,  नहीं लेंगे कोई दम । उठा चुके हैं मशाल हाथ में, अब नहीं बुझने देंगे । भभक उठी है क्रा...

राम नाम जपले

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राम नाम जपले ************** राम नाम ल जप ले संगी , इही ह काम आही । ए जिनगी के नइहे ठिकाना, कोन बेरा उड़ जाही । कतको करबे हाय हाय ते, काम तोर नइ आये । सुख के मितवा सबो हरे, दुख में सब भाग जाये । माया ...

बादर गरजत हे

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बादर गरजत हे ************** सावन भादो के झड़ी में, बादर ह गरजत हे । चमकत हे बिजली,  रहि रहि के बरसत हे । डबरा डबरी भरे हाबे , तरिया ह छलकत हे । बड़ पूरा हे नदियाँ ह जी , डोंगा ह मलकत हे । चारों कोती खेत खार , हरियर हरियर दिखत हे। लहलहावत हे धान पान, खातू माटी छींचत हे । सब के मन झूमत हाबे, कोयली गाना गावत हे। आवत हाबे राखी तिहार, भाई ल सोरियावत हे। घेरी बेरी बहिनी मन , सुरता ल लमावत हे । आही हमरो भइया कहिके, मने मन मुसकावत हे। रचना प्रिया देवांगन "प्रियू"  Priya dewangan priyu 

बम बम भोले

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बम बम भोले *************** हर हर बम बम भोलेनाथ के  ,  जयकारा लगावत हे । कांवर धर के कांवरिया मन , जल चढाय बर जावत हे । सावन महिना भोलेनाथ के, सब झन दरसन पावत हे । धुरिहा धुरिहा के सिव भक्त मन , दर...

ऊं नमः शिवाय

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ऊं नमः शिवाय ************** जय शिव शंभु दया करो,हम तेरे शरण में आये तेरे दर को छोड़ के बाबा, और कहां हम जायें । ओम नम: शिवाय, ओम नम:शिवाय  4 देवों के तुम देव हो बाबा, महादेव कहलाये सबका संकट हरने वाला, लीला अजब रचाये। ओम नम:शिवाय ओम नम:शिवाय - 4 औघड़ दानी तू है बाबा, सबको देने वाला दीन दुखियों के सहारा है , भक्तों का रखवाला । ओम नम:शिवाय, ओम नम:शिवाय - 4 विष का प्याला पीने वाला, नीलकंठ कहलाये जो भी आये तेरे शरण में, सबको गले लगाये। ओम नम: शिवाय, ओम नम: शिवाय - 4            महेन्द्र देवांगन माटी             पंडरिया छत्तीसगढ़ Mahendra Dewangan Mati 

बरसात

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बरसात बरसात का मौसम आया , बादल गरजे पानी लाया । झम झमाझम गिरे पानी, पानी खेले गुड़िया रानी । चम चमाचम बिजली चमके, छोटू छुप जाये फिर डरके । आसमान में काले बादल , दिख रहे हैं जैसे ...

बरसा के दिन आवत हे

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बरसा के दिन आवत हे टरर टरर मेचका गाके, बादर ल बलावत हे । घटा घनघोर छावत, बरसा के दिन आवत हे । तरबर तरबर चांटी रेंगत, बीला ल बनावत हे । आनी बानी के कीरा मन , अब्बड़ उड़ियावत हे । बरत ह...

कहां ले बसंत आही

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पेड़ सबो कटागे संगी , कहां ले बसंत आही । चातर होगे बाग बगीचा, कहां आमा मऊराही। नइहे टेसू फूल पलास अब, लइका मन नइ जाने कंप्यूटर के जमाना आगे, बात कोनों नइ माने । पहिली के जमाना कस, ...

"तोर पंइयां लागंव वो"

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******************** मोर छत्तीसगढ़ महतारी तोर पंइयां लागंव वो 2 मोर छत्तीसगढ़ महतारी तोर चरन पखारौं वो-2 तोर कोरा में गियानी मुनी,बीर सपूत सब आइस ए माटी में माथ नवाके, जीवन सफल बनाइस चंदन जइस...

सुप्रभात

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मुंदरहा ले उठके, कूकरा ह चिल्लावत हे बिहनिया होगे कहिके, सबला बतावत हे फूल गेहे चारो कोती ,फूलवारी में फूल माटी म खुसबू ल,गाँव भर बगरावत हे । बिहनिया के जय जोहार महेन्द्र दे...

मदर डे

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वाह रे जमाना, कइसे "मदर डे " मनावत हे । बात ल मानत नइहे, वाटसप ल चलावत हे । दुनिया भरके ग्रुप में, बधाई सबला देवत हे । खटिया में परे हे दाई, कोनों सुध नइ लेवत हे । जानो मानों श्रवण कस, ...

झांझ चलत

झांझ चलत भाई, झांझ चलत । सरी मंझनिया , झांझ चलत । एसो गरमी, बहुत परत । झांझ चलत , भाई झांझ चलत । सुक्खा गेहे , सब रुख राई । बांचे नइहे, एको पत्ता भाई । चिरई चिरगुन , पियास मरत । झांझ चल...

गरमी बाढ़त हे

गरमी बाढ़त हे *************** दिनों दिन गरमी बाढ़त, पसीना चुचवावत हे। कतको पानी पीबे तबले, टोंटा ह सुखावत हे। कुलर पंखा काम नइ करत, गरम हावा आवत हे। तात तात देंहे लागत, पसीना में नहावत हे । ...

गरमी की छुट्टी

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गरमी की छुट्टी *************** स्कूल की अब हो गई छुट्टी धमा चौकड़ी मचा रहे हैं । दिन भर नाचे कूदे बच्चे मम्मी पापा को सता रहे हैं । नहीं सोते दोपहर में भी टी वी मोबाइल चला रहे हैं । तेज आवा...

मनी प्लांट

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रुख राई ल काट के सब, प्रदुसन ल बढावत हे। अपन हाथ में खुद आदमी, बिमारी ल बढावत हे। बड़े बड़े पेड़ ल काट के, सोफा पलंग बनावत हे । गददा लगाके सुतत हे, तभो नींद नइ आवत हे। घर के बगल में ...

हलाकान

हलाकान *************** गरमी के मारे सब, होवत हे हलाकान , चिरई चिरगुन प्यासे हे, कइसे बांचही परान। सूरज देवता के ताप में, भुंईयां ह जरत हे रुख राई के पत्ता झरगे,पऊधा मन मरत हे। छेरी पठरु भूख म...

अकति तिहार

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गांव गांव में सबोझन, अकती तिहार मनावत हे। पुतरी पुतरा के बिहाव करे बर, मड़वा ल सजावत हे। कोनों लावत डारा पाना, कोनों तोरन लगावत हे । कोनों लीपत घर अंगना ल, कोनों रंगोली बनावत ह...