भाँटा मुरई आज राँधे हे घर में, भाँटा मुरई । लकर धकर में होगे, अधकुचरा चुरई । दाई हा चुप हे , होगे ददा के चिल्लई । छोटकी हा सुसकत हे , होगे करलई । सटक गे बहू के, रंग रंग के बोलई । कुर...
लइका अब्बड़ पानी खेलथे, सुरुर सुरुर तब नाक करथे । जुड़ खाँसी सरदी हा धरथे, माथ पीरा मा सबझन मरथे । गरम गरम जब देंहें लागथे , रात रात भर दाई जागथे । मूड़ कान अउ पेट पिराथे, तब डाक्...