आज के नेता ( उल्लाला छंद) नेता हावय आज के , कौड़ी ना हे काज के । माँगय पइसा रोज के , जेब मा धरथे बोज के ।।1।। खावत रहिथे पान ला , खजवावत हे कान ला । मुंहू दिखथे लाल जी , करिया करिया बा...
पेड़ लगाव सबझन पेड़ लगाव जी, मीठा फल ला पाव जी । जतन करव तुम रोज के, पानी डारव खोज के ।। मिलही सब ला छाँव जी, सुंदर दिखही गाँव जी । जरय नहीं तब पाँव जी, होही तुहँरे नाँव जी ।। कौंवा ...
हाथी (उल्लाला छन्द ) हाथी आइस झूम के, जंगल पूरा घूम के । लम्बा ओकर सूँड़ हे , बड़े जान जी मूड़ हे । सूपा जइसे कान हे , खाथे अब्बड़ पान हे । पानी पीये सूँड़ मा , तिलक लगाये मूड़ मा । हाथी ...