गुरु गुरू बिना मिलथे कहाँ, कोनों ला जी ज्ञान । कर ले कतको जाप तैं , चाहे देदव जान ।।1।। नाम गुरू के जाप कर , तैंहा बारम्बार । मिलही रस्ता ज्ञान के , होही बेड़ापार ।।2।। छोड़व झन अब ह...
भाजी पाला भाजी पाला हा बने , गरमी माह सुहाय । फोरन दे के राँध ले , अब्बड़ भात खवाय ।। भौजी जाय बजार मा , लावय भाजी चेंच । भैया मन भर खात हे , लमा लमा के घेंच ।। तिंवरा भाजी देख के, मन ह...
बेटी बेटा भेदभाव ला छोड़ के , दूनों ला तँय मान । बेटी बेटा एक हे , कुल के दीपक जान ।। रौशन करथे एक दिन , दो दो कुल के नाम । बेटी बने पढ़ाव जी , बनही बिगड़े काम ।। पढ़े लिखे से होत ...
गणेश वंदना ( दोहा छन्द ) ************* पहिली पूजा तोर हे , गण नायक महराज । हाथ जोड़ विनती हवय , पूरा कर दे काज ।। आये हावन तोर कर , लेके छप्पन भोग । सबो कष्ट ला दूर कर , माँगत हे सब लोग ।। हाथी जइसे ...
बेटी बेटा एक हे , होथे घर के शान । दूनों कुल के दीप हे , एला तेंहा मान ।। झन कर गरब गुमान तैं , आये खाली हाथ । राखे धन ला जोर के, नइ जाये वो साथ ।। पढ़ लिख के आघू बढ़त, जग मा नारी आज । दे...
माता दुर्गा माता दुर्गा राख ले , हमरो तैंहा लाज । आये हावन तीर मा , पूरा कर दे काज ।। नान नान लइका हमन , सेवा करथन तोर । सबके संकट दूर कर , विनती सुनले मोर ।। दरशन खातिर तोर माँ, नर न...