Posts

Showing posts with the label दोहे

माटी के दोहे - 1

Image
(1) माटी के काया हरय,  माटी मा मिल जाय । झन कर गरब गुमान तैं , काम तोर नइ आय ।। (2) गाँव गाँव बाजा बजे,  गावत हावय फाग । रंग गुलाल उड़ात हे , झोंकय सब झन राग ।। (3) आमा मउरे बाग मा , कोयल मारत कूक ...