माटी के दोहे - 1 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - March 22, 2018 (1) माटी के काया हरय, माटी मा मिल जाय । झन कर गरब गुमान तैं , काम तोर नइ आय ।। (2) गाँव गाँव बाजा बजे, गावत हावय फाग । रंग गुलाल उड़ात हे , झोंकय सब झन राग ।। (3) आमा मउरे बाग मा , कोयल मारत कूक ... Read more