छप्पय छंद Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - December 17, 2018 छप्पय छंद ***************************** (1) आ गे कातिक मास , जाड़ हा अब्बड़ लागे । ओढ़े सेटर शाल , तभे अब जाड़ा भागे । किट किट बाजे दाँत, घाम हा बने सुहाये । काँपत हावय हाथ , बबा हा गाना गाये । भुररी बारय रोज के, ... Read more