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Showing posts with the label सरसी छन्द

पेड़ लगाओ

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पेड़ लगाओ आओ मिलकर पेड़ लगायें, सबको मिलेगी छाँव । हरी-भरी हो जाये धरती,  मस्त दिखेगा गाँव ।।1।। पेड़ों से मिलती हैं लकड़ी , सबके आती काम । जो बोते हैं बीज उसी का, चलता हरदम नाम ।...

आबे हमर गाँव

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आबे हमर गाँव  (सरसी छन्द ) आबे तैंहर गाँव हमर जी, बर पीपर के छाँव । देखत रइहूँ रस्ता तोरे, माटी मोरे नाँव ।। चारों कोती हरियर हरियर , हावय खेती खार । गाय चरावत रहिथे भोला , बइठे तरि...

सरसी छन्द

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सरसी छन्द  ( महेन्द्र देवांगन माटी ) (1) वीणा वाली हंस सवारी , सुन ले मोर पुकार । तोर शरण मा आये हाँवव  , मोला  तैंहर तार । मँय अज्ञानी बालक माता,  नइहे मोला ज्ञान । आ के  कंठ बिराजो द...

पर्यावरण बचाव

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पर्यावरण बचाव (सरसी छन्द ) महेन्द्र देवांगन माटी काटव झन अब जंगल झाड़ी, सबझन पेड़ लगाव । बाढ़त हवय प्रदूषण  संगी , पर्यावरण बचाव ।। मिलथे हमला जंगल ले जी, लकड़ी फर अउ फूल । किसम - किसम के दवई मिलथे, येला तैं झन भूल ।। शुद्ध हवा ला देथे जंगल  , येकर गुण ला गाव । बाढ़त हवय प्रदूषण संगी , पर्यावरण बचाव ।। कट जाही जब जम्मो रुखवा , कइसे बचही जान । तड़प - तड़प के मछरी जइसे, छूट जही जी प्राण ।। जान बूझ के झन काटव जी,  बिगड़ी सबे बनाव । बाढ़त हवय प्रदूषण ............................ माटी के तै बात मान ले , रुखवा ला झन काट । अपन सुवारथ के सेती तैं , धरती ला झन बाँट ।। सबके प्राण बचाथे जंगल  , आगी ल झन लगाव । बाढ़त हवय प्रदूषण संगी , पर्यावरण बचाव ।। महेन्द्र देवांगन "माटी" पंडरिया  (कवर्धा ) छत्तीसगढ़ 8602407353 @Mahendra Dewangan Mati मात्रा  -- 16 , 11 = 27 विषम चरण मा 16 मात्रा अउ सम चरण मा 11 मात्रा । सम चरण के आखिर मा बड़कू नान्हे  ( 2 ,1 ) होना चाहिए । जय छत्तीसगढ़