आओ पेड़ लगायें चलो चलें एक पेड़ लगायें, धरती में खुशहाली लायें । पेड़ लगाकर घेरा बनायें, गाय बकरी से उसे बचायें । सुबह शाम हम पानी डालें, सुरक्षा का उपाय अपना लें । धीरे धी...
पिता (हाइकु विधा ) पिता महान दुख दर्द सहते सारा जहान । दबे हैं बोझ जिम्मेदारी निभाते सुख की खोज । बच्चे सीखते ऊँगली पकड़ के पिता सीखाते । करें नमन अपने पिताजी का हर्षित मन ।...
पेड़ लगाव सबझन पेड़ लगाव जी, मीठा फल ला पाव जी । जतन करव तुम रोज के, पानी डारव खोज के ।। मिलही सब ला छाँव जी, सुंदर दिखही गाँव जी । जरय नहीं तब पाँव जी, होही तुहँरे नाँव जी ।। कौंवा ...
कीरा मकोड़ा *********** संझा के बेरा मा , कीरा मकोड़ा आथे । दीया हा बरत रहिथे, उही मा आके झपाथे । रंग रंग के कीरा मकोड़ा , अब्बड़ उड़ाथे । एको ठन ला रमंज देबे , बिक्कट बस्साथे । खाय पीये के बेरा ...
किसानी के दिन आ गे दिन किसानी के अब , नाँगर धरे किसान । खातू कचरा डारत हावय , मिल के दूनों मितान । गाड़ा कोप्पर टूटहा परे , वोला अब सिरजावे । खूंटा पटनी छोल छाल के, कोल्लर ला लगावे ...
हाथी (उल्लाला छन्द ) हाथी आइस झूम के, जंगल पूरा घूम के । लम्बा ओकर सूँड़ हे , बड़े जान जी मूड़ हे । सूपा जइसे कान हे , खाथे अब्बड़ पान हे । पानी पीये सूँड़ मा , तिलक लगाये मूड़ मा । हाथी ...
माटी के दोहे झन कर तै अभिमान जी, काम तोर नइ आय । धन दौलत के पोटली , संग कभू नइ जाय ।। धन के पाछू भाग झन , माया मोह ल छोड़ । भज ले सीता राम ला , प्रभु से नाता जोड़ ।। का राखे हे देंह मा , का...
कुण्डलियाँ छन्द --- 2 (1) धर के नाँगर खेत मा, जावत हवय किसान । माटी चिखला गोड़ मा , ओकर हे पहिचान ।। ओकर हे पहिचान , खेत मा अन्न उगाथे, सेवा करथे रोज, तभे सब भोजन पाथे । खातू माटी धान, सब...
स्वच्छता अभियान स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ भारत अभियान । गली मोहल्ला साफ रखो , और स्वच्छता अपनाओ । घर हो चाहे बाहर हो , कचरा मत फैलाओ । दुश्मन को दोस्त बनाओ , स्वच्छता अपनाओ ...