देश नहीं झुकने देंगे

देश नहीं झुकने देंगे (लावणी छंद) दागो गोला आतंकी पर , बदला हमको लेना है । मारा है वो ईट फेककर , अब पत्थर से देना है ।। टूट पड़ो बैमानों पर अब , भाग कहीं ना जा पायें । खाल खींचकर मिर्चा भर दो , तड़प तड़प कर मर जाये ।। बहुत हुआ समझौता वादी , अब तो चुप ना बैठेंगे । आँख दिखाया है हमको तो, गला पकड़ कर ऐठेंगे ।। बम बारुद की वर्षा होगी , भाग कहाँ तुम जाओगे । बील में छिपे गद्दारों को , खींच खींच कर लायेंगे ।। माटी की सौगंथ हमें हैं , देश नहीं झुकने देंगे । छेड़ा है जब शेरों को तो , बदला अब जरूर लेंगे ।। महेन्द्र देवांगन "माटी" पंडरिया छत्तीसगढ़ 8602407353 Mahendra Dewangan Mati