Saturday, 9 April 2016

माता ल मनाबो

माता ल मनाबो
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मंदिर में भारी भीड़ लगे हे
भक्त मन सब जावत हे
नरियर केरा सेव अंगूर
आनी बानी चढ़ावत हे ।

माता बर पूरा सिंगार
अऊ चुनरी ल चढ़ावत हे
घोलन घोलन के पांव परके
अपन मनौती मनावत हे ।

घर के दाई पानी मांगत
वोला नई पीयावत हे
लांघन भूखन सुते हाबे
वोला नइ खवावत हे ।

चीरहा फटहा पहिरे हाबे
नवा नइ लेवावत हे
कुछु कांहीं मांगत हे त
धुरिहा ले चिल्लावत हे ।

कइसे माता खुस होही अब
तुही मन बतावव
कोन माता ल पहिली देखव
कोन ल मय मनावव ।

दाई दुरगा खुस होही
जब घर के माता ल मनाबे
सुख शांति समरिद्धि आही
जब दाई ल पहिली खवाबे ।

जय माता दी

महेन्द्र देवांगन "माटी"
( बोरसी - राजिम वाले )
छत्तीसगढ़
8602407353

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