बाल कृष्ण ( सार छन्द में ) बाल कृष्ण के लीला भारी , बोले नटवर लाला । राधा क्यों गोरी है मैया , मैं क्यों बिल्कुल काला ।। बात अजब सुनकर के मैया , मंद मंद मुस्काये । ऐसे क्यों कहता ह...
भोर हुआ ( सार छन्द में ) भोर हुआ सूरज उग आया, चिड़ियाँ पाँखे खोले । छत के ऊपर आ बैठी है, चींव चींव वह बोले ।। सरसर सरसर हवा चली है, मौसम हुआ सुहाना । फूलों से खुशबू जब आये, भौंरा गा...
पर्यावरण पेड़ लगाओ मिल सभी, देते हैं जी छाँव । शुद्ध हवा सबको मिले , पर्यावरण बचाव ।।1।। पेड़ों से मिलती हमें , लकड़ी फल औ फूल । गाँव गली में छोरियाँ , रस्सी बाँधे झूल ।।2।। ...
छन्न पकैया छन्न पकैया , लहरा ले ले भैया । पाप सबो कट जाही तोरे , हावय गंगा मैया ।।1।। छन्न पकैया छन्न पकैया, दान धरम ला कर ले । नाम तोर रहि जाही जग मा , पुन के झोली भर ले ।।2।। छन्न प...