Tuesday, 28 August 2018

मोबाइल

आज काल के नोनी बाबू , मोबाइल ला धरथे ।
फुसुर फुसुर दूसर के सँग मा , बात अबड़ जी करथे ।।

दिन भर देखत रहिथे वोला , भात घलो नइ खाये ।
आनी बानी पिक्चर देखे , रँग रँग गाना गाये ।।

काम बुता तो करना नइहे,  जाँगर ओकर जरथे ।
फुसुर फुसुर दूसर के सँग मा , बात अबड़ जी करथे ।।

दाई बाबू कतको बोले , कहना ला नइ माने ।
पढ़ई लिखई जीरो हावय , काँही ला नइ जाने ।।
नाम कमाही बेटा कहिके  , दाई आशा करथे ।
फुसुर फुसुर दूसर के सँग मा , बात अबड़ जी करथे ।।
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नियम -- मात्रा 16 + 12 = 28
तुकांत के नियम  --- दू दू डाँड़ मा ( सम सम चरण मा ) आखिर मा एक बड़कू ( गुरु ) या दू नान्हे  (लघु ) होना चाहिए ।
तुकांत मा दू बड़कू (गुरु ) आये ले छन्द अउ गुरतुर हो जाथे ।

महेन्द्र देवांगन माटी
पंडरिया  (कवर्धा )
छत्तीसगढ़
Mahendra Dewangan Mati


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