Sunday, 4 September 2016

जय गनेस देवता

जय गनेस देवता
*****************
जय गनेस देवता, पहिली सुमरनी गांवव तोर
गियान बुद्धि के देने वाला -2, हरले संकट मोर
जय गनेस देवता ::::::::::::::::
लंबा लंबा सूंड़ हाबे अऊ, पेट हे बड़ भारी
सूपा जइसे कान हाबे तोर, मुसवा के सवारी
सबके मंगल करने वाला -2 पंइया परत हों तोर
जय गनेस देवता •••••••••••••••••••••
तोर दया से अंधरा देखे, गूंगा गाना गाथे
लूला लंगड़ा कतको राहे,  पहाड़ में चढ़ जाथे
जेकर ऊपर तोर किरपा हे-2, सुख पाथे चारों ओर
जय गनेस देवता •••••••••••••••••••••••
हाथ जोड़ के बिनती करत हों, सबके भंडार भरबे
माटी के हरे काया परभु, सदा सहाय करबे
भूल चूक तै माफी देबे -2, सुनले अरजी मोर
जय गनेस देवता ••••••••••••••••••••

महेन्द्र देवांगन माटी
संपर्क - 9993243141

No comments:

Post a Comment