पायल बाजे

मुड़ मा गघरी बोहे हावय , कमर अबड़ जी डोले । पायल रुनझुन बाजत हावय , छमछम छमछम बोले ।। नाक नथनिया सुघ्घर लागय , माँग म टीका डारे । मुड़ मा खोपा डारे गोरी , आँखी हे कजरारे ।। मुचमुच मुचमुच हाँसय गोरी , भेद सबो ला खोले । पायल रुनझुन बाजत हावय , छमछम छमछम बोले ।। सज संवर के निकले गोरी , चूड़ी ला खनकाये । लाली लाली होंठ दिखत हे , अब्बड़ वो शरमाये ।। हाथ कमर मा डारे गोरी , रेंगत हौले हौले । पायल रुनझुन बाजत हावय , छमछम छमछम बोले ।। (सार छंद) महेन्द्र देवांगन माटी पंडरिया (कबीरधाम) छत्तीसगढ़ 8602407353 Mahendra Dewangan Mati