स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद जिसने भारत की माटी को, माथे तिलक लगाया है। और यहाँ के संदेशों को, जन जन तक पहुँचाया है।। घूम फिर विदेशों में भी , जिसने अलख जगाया है। संस्कृति का संरक्षक बन, विवेकानंद कहलाया है।। युवाओं को आगे बढ़ने, जिसने राह दिखाया है। नमन करें इस दिव्य पुरुष को, जीना हमें सिखाया है ।। महेन्द्र देवांगन माटी पंडरिया छत्तीसगढ़