वाह रे परदेसिया ***************** वाह रे परदेसिया हो, चाल चलेव तुमन बढ़िया बढ़िया । छत्तीसगढिया सबले बढ़िया कहिके, कर देव खड़िया खड़िया । हमर राज में आके तुमन, हमी ल आंखी देखायेव। हमरे मा...
रावण मरा नहीं ****************** रावण मरा नहीं, अधमरा भाग गया । इसीलिए तो आज, घर घर फिर जाग गया । कल तक मरने का नाटक किया , सबके ऊपर त्राटक किया। दुनिया को धोखा देकर, अहं उसका जाग गया । रावण मरा न...
देवारी तिहार आवत हे ***************** फुरुर फुरुर हावा चलत,जाड़ ह जनावत हे । दसेरा ह भुलकगे, देवारी ह अब आवत हे । माटी के कोठ ल, दाई ह छबनावत हे। ओदरे हे चंऊरा ह, बबा ह बनावत हे। भर भर के गाड़ा मे...