ए भुंइहा हे सरग बरोबर

"ये भुइयाँ हे सरग बरोबर" ********************** ये भुइयाँ हे सरग बरोबर चंदन कस जेकर माटी हे। जंगल झाड़ी परवत नदियाँ सब ह हमर थाती हे । हरियर हरियर लुगरा पहिने छत्तीसगढ़ महतारी हे। खेत खार अऊ देवी देवता हमर ये संगवारी हे । महानदी पैरी अऊ सोढू अमरित कस जेकर पानी हे। तीन लोक में महिमा जेकर गुरतुर हमर बानी हे । सुघ्घर बाग बगीचा जइसे खेत के हमर कियारी हे धान पान अऊ साग भाजी के सुंदर लगे फूलवारी हे । दया मया के थरहा जागे अइसन भाँटा बारी हे ये माटी ल माथ नवांवव एकर महिमा भारी हे।। ********************* रचना महेन्द्र देवांगन "माटी" ( बोरसी - राजिम वाले ) गोपीबंद पारा पंडरिया जिला - कबीरधाम (छ. ग) पिन- 491559 मो.- 8602407353 Email -mahendradewanganmati@gmail.com *****************