Thursday, 5 May 2016

सुबह की हवा

सुबह की हवा सबको भाये
खिले फूल भौंरा गुनगुनाये
पेड़ॊं पर चिड़िया चहचहाये
बछड़ा देख गैया रंभाये ।

काका बाबा घुमने जाये
कसरत कर सेहत बनाये
बच्चे भी तो दौड़ लगाये
सुबह की हवा सबको भाये।

    महेन्द्र देवांगन माटी

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