Friday, 22 January 2016

आदमी अऊ कुकुर

आदमी अउ कुकुर
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आदमी ले जादा तो कुकुर के भाग खुले हे|
आदमी कर चीथरा कथरी नइ राहे
अउ कुकुर गद्दा में सुते हे|
आदमी ह भीख मांगे ल जाथे,त धुरिहा ले भगाथे
कुकुर ल भूख नइ लागत राहे तभो ले,
गोदीम धरके खवाथे |

नहाय बर पानी नइ राहे,
आदमी डबरा म नहाथे,
कुकुर के भाग ल देख
मिनरल वाटर ल पियाथे |

आदमी कर बने साइकिल नइ राहे,
रेटही साईकिल मे चलथे
वा रे किसमत वाला कुकुर
मारुति इंडिका अउ नैनो कार मे घुमथे |

आदमी ह बिमार परके,बिन गोली पानी के मर जाथे,
कुकुर ह कोई बीमार परगे
बडे बडे डाकटर ल बलाथे |

आदमी ले जादा कुकुर के मान करत हे
कुकुर छकत ले खात हे
अउ आदमी पोट पोट मरत हे|

कुकुर ह अब कुकुर न इ रहि गेहे
आदमी देखे बर जावत हे
देख मडई मेला मे
आदमी के भविष्य ल कुकुर बतावत हे |

महेंद्र देवागंन माटी
(बोरसी - राजिम वाला)
गोपीबंद पारा पंडरिया
जिला - कबीरधाम (छ. ग.)



4 comments:

  1. बहुत सुग्हर कुकुर अउ आदमी के मरम ल बताय आज के जुग ंम कुकुर ठसन ले जियत हे,आदमी कर चिज रह्कर भी मरत हे ु

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  2. धन्यवाद नेताम जी अइसने मया करत र

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